काराकाट शनिवार को प्रखंड के सुहागिन महिलाओं में वट सावित्री व्रत व पूजा को लेकर काफी उत्साह देखा गया।प्रखण्ड मुख्यालय से लेकर विभिन्न गांवों से जुड़ी सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा पुरी आस्था के साथ की। जिन गांवों में वट वृक्ष नहीं मिल सका, वहां की महिलाएं दो किलोमीटर दूर पैदल चल कर पड़ोसी गावों में जाकर पूजा – अर्चना की। मोथा में अन्य गांवों की कुछ महिलाएं विभिन्न वाहनों से पूजा करने पहुंची। भोर से ही महिलाओं की भीड़ वट वृक्ष के पास जुटने लगी,जो दोपहर बाद तक चलता रहा।मोथा, संसार डिहरी, मोहनपुर, महुअरी, जमुआं व गोड़ारी आदि गांवों में व्रतियों की अच्छी भीड़ वट वृक्ष के नीचे देखी गई,जहां व्रतियों ने पूरी आस्था के साथ वट वृक्ष की परिक्रमा करने व पूजा – अर्चना के बाद व्रत सम्बन्धी कथा का श्रवण कर सती सावित्री का त्याग, पति प्रेम व पतिव्रत धर्म को याद किया। मोथा के मीना देवी,नीलम देवी
संसार डिहरी के उषा देवी, काराकाट के गोडारी के इला त्रिपाठी के अनुसार वट वृक्ष को देव वृक्ष माना गया है। इस दिन वट वृक्ष की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ करने से सुहागिनों को अखण्ड सौभाग्य, संतान वृद्धि और दाम्पत्य जीवन में सुख शांति मिलता है तथा वैवाहिक जीवन में आने वाले सभी कष्ट दूर होते हैं।







