काराकाट सावन के महाशिवरात्रि पर प्रखण्ड के विभिन्न गांवों से जुड़े हजारों शिव भक्तों ने भगवान शिव को जलाभिषेक किया। सुबह से ही शिव मंदिर घण्टा की ध्वनि के साथ हरहर महादेव व बोलबम के जयघोष से गूंजने लगे थे। प्राचीन शिव मंदिर देवमार्कण्डेय में जलाभिषेक करने वाले शिव भक्तों की लंबी कतार देखी गई। यहां बक्सर से पैदल गंगाजल लेकर आने वाले 751 महिला-पुरुष कावंरियों ने सबसे पहले जलाभिषेक किया
। मंदिर के व्यवस्थापक,पुजारी व ग्रामीणों द्वारा इन्हें जलाभिषेक की सहूलियत प्रदान की जा रही थी। बुढ़वा महादेव मंदिर दनवार कछवां, गोड़ारी, बुढ़वा महादेव मंदिर मोथा, शिव मंदिर कुरुर, चिकसिल व स्थानीय बाजार आदि के शिव मंदिरों में भी अच्छीखासी भीड़ देखी गई, जहां दोपहर बाद भी कई शिव भक्त अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। देंव व दनवार में मेला का आयोजन भी किया गया था,जहां लोगों ने फूलमाला, धतूरा, बिल्वपत्र आदि पूजा सामग्री की खरीदारी करते देखे गए। कई जगहों पर वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक भी करवाया गया।









