काराकाट बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राजस्व महाअभियान के तहत रैयतों के बीच जमाबंदी पंजी वितरण का कार्य शुरु कर दिया गया है। शनिवार को अपर समाहर्ता ललित भूषण व सीओ डा रितेश कुमार ने बेनसागर पंचायत के रैयतों को जमाबंदी की प्रति हस्तगत कराते हुए अभियान की शुरुआत की। उन्होंने किसानों को बताया कि इस प्रति में अंकित खाता- खेसरा, वास्तविक रैयतों का नाम आदि ध्यान से पढ़ और परख लें।इस जमाबंदी में प्राप्त त्रुटि का सुधार कैम्प लगाकर किया जाएगा। इसके लिए सात दिनों का समय आप सभी को विभाग की ओर से दिया जा रहा है। आप जमाबंदी में अंकित रैयतो, खाता व खेसरा आदि त्रुटि को भली भांति समझ लें ताकि कैम्प के दौरान उसका सुधार हो सके। इस दौरान कई किसानों ने अब तक आनलाइन जामाबंदी नहीं होने की यानि उनका खतियान इंटरनेट पर नहीं दिखाने की बात कही। इस पर सीओ ने कहा कि आप अपने खतियान की कॉपी उपलब्ध कराएं, उसका शीघ्र ही निदान कर दिया जाएगा। सीओ के अनुसार 23 किसानों को उनके जमाबंदी की प्रति मौके पर ही उपलब्ध करा दी गई। उन्होंने बताया कि यह सारा कुछ नेट पर देखा जा सकता है। बावजूद किसानों की सहूलियत के लिए राजस्व कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर रैयतों को उनके जमाबंदी पंजी का हस्तगत कराया जा रहा है। जामाबंदी में किसी प्रकार की त्रुटि का निराकरण पंचायतवार विशेष शिविर लगाकर किया जाएगा। संयुक्त जामाबंदी अर्थात पूर्वजों के नाम से अब तक कायम जमाबंदी का वर्तमान जीवित रैयतों यानि उनके वंशज या उत्तराधिकारी के नाम कर जामाबंदी कर दिया जाएगा। मूलरूप से इस राजस्व अभियान का उद्देश्य ही अंश धारकों,वंशजों के नाम उत्तराधिकार नामांतरण कर राजस्व रिकार्ड को दुरुस्त करना है।









