काराकाट खोइच्छा लेकर पुनरागमन की कामना के साथ क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर स्थापित मां भगवती विदा हो गई। इस दौरान बज रहे कइसे करीं हम विदाई… जैसे गीत श्रद्धालुओं को भावुक कर रहे थे। पुलिस व प्रशासन की चौकसी के बीच शुक्रवार को मोथा,गोड़ारी, सकला, दनवार, इब्राहिमपुर व करूप सहित कुल 52 जगहों पर स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चला।जबकि इटढिया, जयश्री, काराकाट, रघुनाथपुर व वाराडीह आदि पूजा समितियों द्वारा गुरुवार को ही शोभायात्रा के साथ विसर्जन कर दिया गया। मोथा में पुरानी परंपरा के अनुसार रथ पर सवार हनुमान जी ने मूर्ति विसर्जन का आगवानी किया, जिसे देखने के लिए पड़ोसी गांवों से जुड़े भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।बीडीओ राहुल कुमार सिंह के अनुसार क्षेत्र के कुल 58 गांवों में मां की मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसमें 20 जगहों पर दण्डाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी।







