काराकाट
किसानों अपनी भूमि संबंधी कागजातों की त्रुटि सुधार के लिए मंगलवार को राजस्व महा अभियान के तहत जागरूकता रथ पंचायतों के लिए रवाना हुआ। सीओ डा रितेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर अंचल कार्यालय से विदा किया। सीओ के अनुसार इस रथ के माध्यम से रैयतों को भूमि सम्बन्धी समस्याओं में सुधार कराने को जागरूक किया जाना है। अभियान का मुख्य उद्देश्य डीजीटलाइज्ड जमाबन्दियों के त्रुटि में सुधारना है। मुख्य रूप से आपसी बटवारे में नामांतरण व परिमार्जन की प्रक्रिया और जमाबन्दी रैयतों की मृत्यु पश्चात उनके उत्तराधिकारियों का नाम रिकार्ड में अपडेट किया जाएगा। संयुक्त संपति( दादा, परदादा के नाम) के मामले में मौखिक बटवारे के बावजूद अंशधारकों के नाम अलग-अलग जामाबन्दी करना भी इसका अहम हिस्सा है। ताकि उनके बीच कोई बिबाद न हो। इसके लिए अगले दो महीने तक सभी पंचायतों में कैम्प लगा कर जामाबन्दी में त्रुटि का सुधार करने के लिए आवेदन लिया जाएगा। पैतृक जामाबन्दी वाले किसानों को प्रेरित किया जाएगा कि अगर उनका आपसी बटवारा हो जाता है तो जीवित उत्तराधिकारियों के नाम दाखिल खारिज कर रसीद काट दिया जाएगा।








